Wednesday, January 27, 2016

मैं रो देता हूँ आमतौर पर, कभी भी रो देता हूँ ! कोई मुझपर हँसे या किसी और पर ! कभी किसी फ़िल्म का कोई सीन देखकर, कभी अपनी मजबूरियों को देखकर, कभी किसी क़िताब में कुछ पढ़कर !
अपनी नाकामियों पर और अपनी छोटी कामयाबीयों पर भी !
कभी किसी बच्चे को देखकर,कभी मौत देखकर, मैं रो देता हूँ !
सोचता हूँ की सबको लगता होगा कमज़ोर आदमी है, और आदमी को रोना नहीं चाहिए ! मुझे लगता है रोना चाहिए फूट-फूट कर रोना चाहिए, माँ की गोद, बीवी के कंधों पर, माशूक़ के सामने फफक-फफक कर रोना चाहिए !
ख़ूब रोना चाहिए ज़िंदा होने की निशानी यही है !

2 comments:

  1. कितना रोया होगा वो मुझे देखने के बाद।
    जाने क्यों देखकर वो हंसता भी बहुत था॥
    लव यू गुरुजी❤

    ReplyDelete
  2. कितना रोया होगा वो मुझे देखने के बाद।
    जाने क्यों देखकर वो हंसता भी बहुत था॥
    लव यू गुरुजी❤

    ReplyDelete

शायद ये जानते हुए की.... शायद ये जानते हुए की जानकार कुछ नहीं होगा मैं तुमसे पूछना चाहता हूँ की तुम कैसी हो, खाना टाइम पर खा लेती होना ...